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बीसीसीआई के बिना क्या है आईसीसी की हैसियत : अरुण

बीसीसीआई के बिना क्या है आईसीसी की हैसियत : अरुण
नयी दिल्ली, 24 अक्तूबर (एजेंसी)
बीसीसीआई के नव नियुक्त कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की नीतियों के निर्धारण में भारत की भूमिका नहीं होने पर इसकी प्रासंगिकता पर सवाल भी उठाए।
नये क्रिकेट प्रशासकों के पदभार संभालने के बाद धूमल ने अपनी प्राथमिकताओं पर बात की जिसमें बीसीसीआई के दुनिया का सबसे अमीर बोर्ड होने के बावजूद बोर्ड के राजस्व में इजाफा करना शामिल है। गैरजरूरी खर्चों पर लगाम लगाया जायेगा। इस पैसे का इस्तेमाल प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए करेंगे। बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के भाई धूमल पिछले कुछ वर्षों में विधिक खर्चों के बढ़ने से भी हैरान हैं।
धूमल ने कहा, ‘क्या हमने कभी कल्पना की थी कि आईसीसी के खाके के निर्धारण में बीसीसीआई का कोई मत नहीं होगा। कभी इसकी कल्पना नहीं की गई थी। बीसीसीआई के बिना आईसीसी क्या है?’

भविष्य के कार्यक्रमों के मामले में आईसीसी से सहमत नहीं

धूमल ने कहा, ‘हम टूर्नामेंटों की संख्या बढ़ाने के संदर्भ में आईसीसी के नये प्रस्ताव से सहमत नहीं हैं।’ उन्होंने साथ ही स्पष्ट कर दिया कि जहां तक 2023-2031 के भविष्य दौरा कार्यक्रम का सवाल है तो वे आईसीसी के साथ नहीं हैं। नये प्रस्ताव में प्रत्येक वर्ष विश्व टी-20 और प्रत्येक 3 साल में एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय विश्व कप के आयोजन का प्रावधान है। माना जा रहा है कि आईसीसी इसी योजना के साथ 2023-2028 के वैश्विक मीडिया अधिकार बाजार में उतरेगा और स्टार स्पोर्ट्स जैसे संभावित प्रसारणकर्ताओं से उसे अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है।

गांगुली के साथ बातचीत को लेकर उत्सुक हैं कोहली

मुंबई: भारतीय कप्तान विराट कोहली ने गुरुवार को कहा कि वह बीसीसीआई के नव नियुक्त अध्यक्ष और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के साथ ‘शीर्ष स्तर और पेशेवर’ चर्चा को लेकर उत्साहित हैं। राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की भविष्य की योजनाओं के लेकर गांगुली और कोहली के जल्द ही मुलाकात करने की उम्मीद है। कोहली ने बृहस्पतिवार को एक प्रचार कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘मैं अब उनसे मिलूंगा। मैं अच्छी चर्चा को लेकर उत्साहित हूं। वह ऐसा व्यक्ति है जो पहले काफी क्रिकेट खेल चुका है, जो उस स्थिति को जानता है जिसमें हम हैं, टीम की क्या जरूरत है, भारतीय क्रिकेट की क्या जरूरत है।’

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